स्वर्ण आभूषण निर्यातकों के लिये शुल्क वापसी दर बढ़ायी गयी

आभूषण निर्यात बढ़ाने के मकसद से सरकार ने स्वर्ण आभूषण शुल्क वापसी दर शुक्रवार को 73 रुपये बढ़ाकर 173.7 रुपये प्रति ग्राम कर.

स्वर्ण आभूषण निर्यातकों के लिये शुल्क वापसी दर बढ़ायी गयी

आभूषण निर्यात बढ़ाने के मकसद से सरकार ने स्वर्ण आभूषण शुल्क वापसी दर शुक्रवार को 73 रुपये बढ़ाकर 173.7 रुपये प्रति ग्राम कर दी। शुल्क वापसी के तहत निर्यात जिंसों के लिये आयातित कच्चे माल पर लिया गया शुल्क वापस किया जाता है।

केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क विभाग ने कल जारी अधिसूचना में कहा कि शुल्क वापसी दर को बढ़ाकर स्वर्ण आभूषणों के मामले में सोने की मात्र के आधार पर 995 या अधिक शुद्धता वाले 173.70 रुपये प्रति ग्राम किया गया है। पूर्व में यह दर 100.70 रुपये प्रति ग्राम फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स थी।

शुल्क वापसी दर ऐसे समय बढ़ायी गयी है जब सोने का बड़े पैमाने पर आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। सरकार ने सोने की मांग पर अंकुश लगाने के मकसद से पीली धातु पर आयात शुल्क बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया है। सूत्रों ने कहा कि सोने के आयात शुल्क में वद्धि फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स से निपटने के लिये शुल्क वापसी दर बढ़ायी गयी है।

क्या भारत में लीगल हो गई Cryptocurrency, कितना लगेगा ‘क्रिप्टो पर टैक्स?

भारत में अभी तक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लोग असमंजस में थे क्योंकि भारत में इसे लेकर कोई नियम नहीं था. लोग इसमें निवेश करने से भी डरते थे. लेकिन बजट 2022 में क्रिप्टोकरेंसी से संबन्धित कुछ नियम (Cryptocurrency rules in India) बनाए गए हैं जो ये संकेत देते फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स हैं कि क्रिप्टोकरेंसी का भारत में कैसा भविष्य रहने वाला है?

By विभूू गोयल On Feb 2, 2022 2,181 0

cryptocurrency tax in india

क्रिप्टोकरेंसी तेजी से निवेशकों को फायदा दे रही है. वहीं कई बार इसने तगड़ा नुकसान भी करवाया है. दुनिया का क्रिप्टोकरेंसी से सामना साल 2009 में हुआ था जब सतोषी नाकामोतो (Bitcoin founder) ने पहली बार दुनिया की डीसेंट्रलाइज क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को जारी किया. तब से लेकर अब तक कई सारी क्रिप्टोकरेंसी आ चुकी है.

भारत में अभी तक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लोग असमंजस में थे क्योंकि भारत में इसे लेकर कोई नियम नहीं था. लोग इसमें निवेश करने से भी डरते थे. लेकिन बजट 2022 में क्रिप्टोकरेंसी से संबन्धित कुछ नियम (Cryptocurrency rules in India) बनाए गए हैं जो ये संकेत देते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी का भारत में कैसा भविष्य रहने वाला है?

क्या भारत में लीगल है क्रिप्टोकरेंसी? (Is Cryptocurrency legal in India?)

क्रिप्टोकरेंसी को फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स लीगल करने के मतलब है कि सरकार इसे एक करेंसी मान चुकी है और पूरे देश में इससे व्यापार किया जा सकता है. मतलब आपको कोई प्रॉडक्ट खरीदना है तो आप उसके बदले में बिटकॉइन देकर वो प्रॉडक्ट ले सकते हैं.

असल में ऐसा कुछ नहीं है. क्योंकि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को एक करेंसी की तरह मान्यता नहीं देती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि कोई भी करेंसी तब करेंसी मानी जाएगी जब उसे कोई केन्द्रीय बैंक जारी करेगा. इसे कोई केन्द्रीय बैंक जारी नहीं करता बल्कि इंडिविजुयल्स बनाते हैं.

भारत सरकार ने इसे एक मुद्रा के तौर पर तो मान्यता नहीं दी है लेकिन फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स इसे एक कानूनी निवेश के तौर पर जरूर देखा है. सरकार ने इसे रेगुलेट करने के लिए नियम बनाए हैं. सरकार ने बजट के दौरान इस पर टैक्स की घोषणा की है.

क्रिप्टोकरेंसी पर कितना टैक्स देना होगा? (Tax on Cryptocurrency in India)

बजट 2022 में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाने की बात कही गई और दो तरह के टैक्स के बारे में बताया गया. पहला तो आपको क्रिप्टोकरेंसी फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स की कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा और दूसरा आपको 1 प्रतिशत टीडीएस देना होगा. अब ये दोनों टैक्स फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स क्रिप्टोकरेंसी पर कैसे लागू होंगे. आइये समझते हैं.

मान लीजिये आपने क्रिप्टोकरेंसी में कुछ साल पहले 50 हजार रुपये लगाए थे. कुछ सालों में क्रिप्टोकरेंसी के दाम बढ़े और आपके 50 हजार बन गए 1.5 लाख रुपये. इसमें 50 हजार आपका निवेश था और 1 लाख आपका मुनाफा.

वर्तमान स्थिति में यदि आप क्रिप्टोकरेंसी से अपना पैसा निकालते हैं. यानी आप चाह रहह हैं कि जो 1.5 लाख रुपये की वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी इकट्ठी हो गई है उसे रुपये में बदल दिया जाए. तो आपको अपने मुनाफे पर टैक्स देना होगा.

क्रिप्टोकरेंसी पर टीडीएस कैसे लगेगा? (TDS on Cryptocurrency in India?)

यहां आपको 1 लाख का मुनाफा हुआ है तो सबसे पहले तो जैसे ही आप अपने अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करेंगे तो आपको 1 लाख पर 1 प्रतिशत टीडीएस देना होगा. ये टीडीएस अपने आप कट जाएगा और शेष 99 हजार रुपये आपके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिये जाएंगे. टीडीएस को आपके मुनाफे पर नजर रखने के लिए लगाया जा रहा है ताकि आपसे आगे 30 प्रतिशत टैक्स लिया जा सके.

क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स कैसे लगेगा? (Tax on Cryptocurrency income?)

टीडीएस कट जाने के बाद शेष रकम आपके अकाउंट में तो आ जाएगी लेकिन अभी भी आपको टैक्स देना बाकी है. अब जो बचा हुआ मुनाफा है उसमें से आपको 30 प्रतिशत मुनाफा सरकार को टैक्स के रूप में देना होगा. जैसे 99 हजार रुपये बचे हैं तो उस पर 29700 रुपये और टैक्स सरकार को देना होगा. इस तरह 1 लाख रुपये पर कुल 30 हजार 700 रुपये टैक्स आपको देना होगा.

डिजिटल असेट्स पर देना होगा टैक्स (Tax on Digital Assets)

सरकार ने डिजिटल असेट्स पर भी टैक्स देने का प्रावधान किया है. इस पर भी 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा. सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल या डिजिटल असेट्स फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स की श्रेणी में रखा है. इसके अलावा भी यदि फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स आप किसी वर्चुअल असेट से कमाई करते हैं तो आपको उस पर सरकार को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा.

क्रिप्टो फंड फाउंडर के क्रिप्टो एक्सपर्ट टिप्स पर टैक्स लगाने से कई निवेशकों को निराशा हो सकती है क्योंकि उन्हें अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा सरकार को देना होगा. वहीं नुकसान होने पर उन्हें किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी. लेकिन सरकार का ये नियम ये दर्शाता है कि आप भारत में बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी डर के क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर सकते हैं.

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