what is bitcoin crypto currency

History of bitcoin साल 2012 के जून में Brain Armstrong (Airbnb engineer) की Coinbase कंपनी अमेरिका के कैलिफोर्निया में Stock-exchange में रजिस्टर्ड किया इस कंपनी का काम था cryptocurrency को dollar में बदलना यानि bitcoin को खरीदने और बेचने की सेवा देना आगे चल के Fred Ehrsam (Goldman Sachs trader) कंपनी के सह-संस्थापक बने|

कारोबार के पहले ही दिन कंपनी का share 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर दिया और बहुत तेजी से बढ़ रहे थे अप्रैल 2021 में bitcoin में अचानक 60 हजार डॉलर चला गया यहीं से bitcoin मार्केट में तेजी से फैलने लगा|

what is bitcoin crypto currency? यह एक invisible currency (अदृश्य मुद्रा) होता है जिसे हाथ से छुआ नहीं जा सकता है बस उसका एक आकार दे दिया गया है जो डिजिटल रूप से काम करता है चाहे पैसे का लेनदेन करना हो या कोई सामान खरीदना हो इससे हर काम किया जा सकता है (जो पैसे से होता है)|

What is crypto mining how does it work आप bitcoin के वेबसाइट पर जाकर अपने bank account से भुगतान करते है- चाहे netbanking, debit या credit कार्ड के माध्यम से या अन्य माध्यम से आपने 1 bitcoin ख़रीदा लिया बदले में आपको एक नंबर मिल गया अब यह नंबर आपका 1 bitcoin है अब आप दुनिया के किसी भी देश में जाकर यह नंबर देकर उतने पैसे का कोई भी सामान खरीद सकतें है या पैसे ले सकते है|

इसको किसी भी मुद्रा में बदलने की आवश्कता नहीं होती है उदहारण के लिए 100 dollar का bitcoin ख़रीदा हैं तो 100 dollar आप कहीं पर भी खर्च कर सकते हैं बिना टैक्स दिये और किसी भी प्रकार का इनकम टैक्स विभाग को जानकारी दिये कोई भी सामान खरीद सकते हैं मतलब यह खरीदारी पूरी तरह गुप्त रहेगा यह आपके और खरीदार के बीच का मामला होगा अब अगर जाँच एजेंसी इसकी जाँच करती है की यह 100 डॉलर किस मकसद से ख़रीदा गया है तो वहाँ पर वह transaction शून्य बताने लगेगा यानि account zero हो जायेगा और जाँच अधिकारी को कोई जानकारी नहीं मिलेगा|

इसको दुसरे ढंग से समझते हैं अगर यह 100 डॉलर एक जगह से दुसरे जगह जा रहा है और बीच में कोई जाँच अधिकारी (मसलन- इनकम टैक्स विभाग, पुलिस या कोई भी) इसका जानकारी लेने का प्रयास करता भी है तो यह account अपने आप शून्य हो जाता है इसे blockchain technology कहते है यह पूरी तरह से end-to-end encrypted होता है इसे बीच में अगर किसी ने सेंधमारी की तो यह अपने आप zero हो जाता है यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है|

इस तरह bitcoin से किया हुआ transaction पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद है what is bitcoin crypto currency? जिसको हमने आसान भाषा में समझा|

Budget 2022 on Cryptocurrency and NFT in Hindi

डिजिटल मुद्रा एक अधिक कुशल और सस्ती मुद्रा प्रबंधन प्रणाली की ओर ले जाएगी। अधिग्रहण की लागत को छोड़कर ऐसी आय की गणना करते समय किसी भी व्यय या भत्ते के संबंध में कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली हानि को किसी अन्य आय के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जा सकता है। 2022-23 से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करके एक डिजिटल रुपया पेश किया जाएगा। RBI द्वारा डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन और अन्य लोकप्रिय क्रिप्टोकरंसी के पीछे की तकनीक ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगी।

Budget 2022 on Cryptocurrency and NFT in Hindi

भारत सरकार का व्यू जाने क्रिप्टो पर (भारत में क्रिप्टो टैक्स: वह सब कुछ जो आपको जानना आवश्यक है)
भारत ने 2022-2023 के केंद्रीय बजट में क्रिप्टो पर बहुत स्पष्टता देते हुए कहा है, क्रिप्टो से होने वाली कमाई या रिटर्न्स से आय पर अब टेक्स की शुरुआत होगी। टैक्स पर नियामक मार्गदर्शन से भारत मे बिलियन्स का क्या आपको क्रिप्टो रखने के लिए टैक्स देना होगा? निवेश इस बड़ते मार्केट
को मुख्यधारा में लाएगा साथ ही यह उपभोक्ताओं और सरकारी खजाने के हितों की रक्षा करते हुए व्यवसाय के अनुकूल दृष्टिकोण अपनाने की सरकार की मंशा को भी दर्शाता है।

केंद्र का संज्ञान जानें वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर।

सरकार ने सीधे शब्दों में क्रिप्टो लाभ पर 30% कर लगाने का एकतरफा निर्णय ले लिया।

क्रिप्टो निवेश से प्राप्त लाभ, चाहे वह छोटा हो या दीर्घकालिक, पर 30% कर लगाया जाएगा। इसमें क्रिप्टो और टोकन (एनएफटी) से होने वाला लाभ भी शामिल है।

उदाहरण के लिए, क्रिप्टो लेनदेन (बैंक को हस्तांतरित राशि) से ₹1,000 का लाभ एक फ्लैट 30% पर लगाया जाएगा, चाहे आयकर स्लैब कुछ भी हो। अगर आपने 1000 हजार रुपये का क्रिप्टो खरीदा और इसे भाव बढ़ने पर 1500 में बेच दिया तो 500rs आपका लाभ है, और इसी 500 के लाभ पर 30% का टैक्स यानी 150 रुपये सरकार टैक्स लेगी।
हालांकि सरकार ने कुछ शर्तें भी इस षुरूआती कदम में लगा दी हैं।

सरकार की क्रिप्टो पर शर्तें
1:- यूज़र्स क्रिप्टो निवेश से होने वाले किसी भी नुकसान को बाद के वर्षों में मुनाफे के खिलाफ सेट नहीं कर सकता है। अधिग्रहण की लागत को छोड़कर किसी भी कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर;
यदि आपने 2020 में किसी क्रिप्टो में 1 लाख रुपये निवेश किये और आगे चलकर आपको 50 हजार का नुकसान हुआ, अब आपने अगले वर्ष 1लाख फिर किसी अच्छे करेंसी में लगाये जहां आपको 60 हजार का प्रॉफिट हुआ। तो ऐसी कंडीसन में आपके मुताबिक पिछला 50 हजार के लॉस को इस 60हजार के प्रॉफिट में एडजस्ट किया जाना चाहिए और बाकी के बचे हुए 10 हजार पर ही 30% टैक्स लगना चाहिए पर ऐसा नही होगा। आपको पूरे 60 हजार पर ही टैक्स देना होगा। आप अपने लॉस को अपने प्रॉफिट के साथ सेट नही कर सकते।

2: क्रिप्टो पर कुल कर = (डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से लाभ – अधिग्रहण की लागत)*30%

3: और, क्रिप्टो लेनदेन के लिए किए गए सभी भुगतानों के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज स्रोत (टीडीएस) पर 1% कर कटौती करने के लिए उत्तरदायी होंगे।

अगर आप क्रिप्टो को उपहारों में देना चाहते हैं तो इस पर भी कर या टेक्स लगेगा।

क्रिप्टो के रूप में प्राप्त उपहारों पर प्राप्तकर्ता के हाथों 30% कर लगाया जाएगा। ध्यान रहे, यह गिफ्ट लेने वाले व्यक्ति पर ही लगाया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपको गिफ्ट या उपहार के रूप में 1 लाख का BTC या कोई भी करेंसी या क्रिप्टो उपहार में मिलता है तो अपको 30% काट कर मात्र 70 हजार रुपये आपके वॉलेट में मिलेंगे।

Commercial Vehicle Scrap क्या आपको क्रिप्टो रखने के लिए टैक्स देना होगा? करने वालों को मिलेगी Tax में छूट, जानिए इस बारे में सब कुछ

सरकार ने देश के हर जिले में कम से कम तीन Registered Vehicle Scrap Center खोलने की योजना बनाई है.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 19, 2022 / 02:32 PM IST

Commercial Vehicle Scrap करने वालों को मिलेगी Tax में छूट, जानिए इस बारे में सब कुछ

अगर आप पुराना कमर्शियल व्‍हीकल चला रहे हैं, तो आपके लिए एक काम की खबर है. सड़क परिवहन मंत्रालय पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल व्‍हीकल को स्‍क्रैप करने वालों को टैक्‍स में छूट देने की योजना बना रहा है. इसके लिए सरकार ने देश के हर जिले में कम से कम तीन Registered Vehicle Scrap Center खोलने की योजना बनाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में National Vehicle Scrappage Policy शुरू की थी और कहा था कि यह बेकार और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने में मदद करेगा और संसाधनों के उपयोग वाली अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटो-मोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स यानी सियाम के 62वें वार्षिक सम्मेलन में कहा कि एक पुराने ट्रक से निकलने वाला प्रदूषण 15 नए ट्रकों के प्रदूषण के बराबर है. इसलिए यह जरूरी है कि उन्हें स्क्रैप किया जाए. कुल मिलाकर एक करोड़ से अधिक वाहन स्‍क्रैप करने लायक हैं. स्‍क्रैप से निकलने वाला तांबा, एल्युमीनियम, स्टील का उपयोग किया जा सकेगा. इससे लागत में 30 फीसद की कमी आएगी. वहीं, इसका एक और मकसद पेट्रोल और डीजल कारों की बिक्री को काफी हद तक कम करना भी है. दरअसल, 16 लाख करोड़ का fuel import बिल एक बड़ी चुनौती है.

अब व्‍हीकल स्‍क्रैप पॉलिसी को जान लेते हैं. इसके तहत उम्र से पुराने हो चुके वाहनों को अपना फिटनेस टेस्ट कराना होगा. इस टेस्ट में वाहनों के इंजन की हालत, उनका एमिशन स्टेटस और फ्यूल एफिशिएंसी, सेफ्टी स्टेटस जैसे कई फीचर्स की जांच होगी. टेस्ट में फेल होने पर वाहनों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा. ऐसी गाड़ियों को स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा. 10 साल से ज्यादा पुराने कॉमर्शियल व्हीकल और 15 साल से पुराने प्राइवेट पैसेंजर व्हीकल को ये टेस्ट देना होगा. फिटनेस टेस्ट में पास होने पर इन व्हीकल को IC इंजिन से बदलकर कुछ ही दिन चलाने की अनुमति होगी.

अब ये जानते हैं कि फिटनेस टेस्ट फेल होने पर क्या होगा? व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी एक वॉलियंटरी व्हीकल मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम है. ऐसे में अगर गाड़ी फिटनेस टेस्‍ट में फेल होती है तो उसे देश भर में 60-70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी में अपनी गाड़ी जमा कराना होगा. टेस्ट में फेल हुए वाहनों के लिए एक स्क्रैप सर्टिफिकेट मिलेगा जो 2 साल क्या आपको क्रिप्टो रखने के लिए टैक्स देना होगा? के लिए मान्य होगा. इस स्क्रैप सर्टिफिकेट में पुरानी गाड़ी के स्क्रैप वैल्यू से नई गाड़ी पर डिस्काउंट मिलेगा. नई गाड़ी खरीदते समय एक्स शोरूम प्राइस पर 5 फीसदी तक का डिस्काउंट मिलेगा. इसके अलावा नए व्हीकल पर कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देना होगा. राज्य सरकारें प्राइवेट व्हीकल्स के लिए 25 फीसदी और कॉमर्शियल व्हीकल्स पर 15 फीसदी तक का क्या आपको क्रिप्टो रखने के लिए टैक्स देना होगा? रोड टैक्स रिबेट भी दे सकती हैं.

How much tax capital gains on cryptocurrency|short term|long term

Income tax on cryptocurrency in India| crypto trading par kitna tax lagta hai

क्रिप्टो करेंसी जैसे Bitcoins, Ethereum और इसके जैसी बहुत सारी करेंसी यह सभी फिलहाल आरबीआई के रेगुलेशन से बाहर है. इसलिए अभी पर नियंत्रण लगाने की पूरी तैयारी चल रही है.

अभी ये सभी करेंसी Decentralised है मतलब अभी इन करेंसी पर सरकार का पूरी तरीके से नियंत्रण नहीं है और यह अभी Decentralized digital money के अंतर्गत आते हैं.

Crytpo par trader ya Investor ko kitna tax dena hota hai

क्रिप्टोकरंसी एक ऐसे नेटवर्क पर काम करती है जिसको ब्लॉकचेन के नाम से जानते हैं. Blockchain एक बहुत सारे कंप्यूटर नेटवर्क होता है जिसमें बहुत सारे कंप्यूटर एक दूसरे से कनेक्टेड होते हैं.

अगर आप क्रिप्टो करेंसी खरीदते हैं या उस में इंट्रेस्ट रखते हैं तब आपको इसके होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में भी जानना जरूरी है.

अगर आप क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट करने जा रहे हैं तब यहां पर आपको क्रिप्टो टैक्स पर लगने वाले रेगुलेशन के बारे में भी जान लेना जरूरी है.

हालांकि क्रिप्टोकरंसी में फिलहाल अभी सरकार की तरफ से पूरी तरीके से नियंत्रण नहीं है और यह नहीं कहा जा सकता है कि यह एक लीगल टेंडर है या अवैध फिर भी यहां पर अभी इसको लेकर टैक्स की बातें हो रही है और अगर यह पूरी तरीके से लागू हो जाता है तब इसमें वह सारे टैक्स लगेंगे जो आप स्टॉक मार्केट में टैक्स Pay करते हैं.

अब आप सोच रहे होंगे कि गवर्नमेंट या सरकार इसमें किस तरीके से टैक्स आपसे ले सकती है अगर आप इसमें फायदा या नुकसान कुछ भी करते हैं और अगर आप इसमें ट्रेड करते हैं तो इसमें किस तरीके से आपको टैक्स देना होगा.

दुनिया भर की सारी संस्थाएं इस में लगने वाले टैक्स के बारे में विचार विमर्श कर रही है और इसमें आप पूरी तरीके से टैक्स से बच नहीं सकते हैं अगर आपको यहां पर मुनाफा और प्रॉफिट होता है तब आपको यहां पर टैक्स देना ही होगा यह आपको मान कर चलना है Tax तो देना ही है.

capital gains tax on cryptocurrency|

भारत के संदर्भ में बात करें तो भारत ने सन 2018 में RBI और कुछ अन्य बैंकों ने क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी थी.

यहां सिर्फ ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई थी उसकी ट्रेडिंग पर रोक नहीं लगाई थी.

लेकिन 2020 में सुप्रीम कोर्ट के एक आर्डर के द्वारा इसमें दोबारा से ट्रेडिंग शुरू करी गई तब से लेकर अभी तक यह चल रही है लेकिन इस पर टैक्स देने की बात लगातार उठ रही है.

भारत में इनकम टैक्स अधिनियम Income Tax Act, 1961 के तहत अभी तक कोई भी गाइडलाइन या नियम जारी नहीं किया गया है सरकार की तरफ से टैक्स देने का लेकिन इसके साथ ही सभी टैक्सपेयर्स को और जो क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर रहे हैं और उससे मुनाफा कमा रहे हैं उनके सारे ट्रांजैक्शन को आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में आपको अपडेट करना होगा और बताना होगा.

कुल मिलाकर के यह बात निकल के आती है कि आपको टैक्स देना होगा.

capital gains tax on crypto | Bitcoin tax| capital gain on crypto long term investment

अगर आप cryptocurrency पर बात करते हैं तब यहां पर बहुत ही ज्यादा विरोधाभास है नियम और कानून बनाने में crypto rules and regulation

जैसे अगर आप किसी भी क्रिप्टोकरंसी में निवेश करते हैं और उसको आप 36 Months या लगभग 3 साल तक होल्ड करके रखते हैं तब आप उस पर अगर मुनाफा कमाते हैं और उसको बेचते हैं तब आपको यहां पर Long term Capital gain tax देना होगा. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20% लगता है.

लेकिन अगर आप इससे कम समय तक रखते हैं और उससे पहले इसको बेच देते हैं तब आपको Crypto Short term capital gain tax लगेगा जोकि स्टॉक मार्केट की तरह ही है. अभी यह निश्चित नहीं है कि क्रिप्टो पर कितना टैक्स लिया जाएगा लेकिन अगर आप स्टॉक मार्केट करते हैं तब आप अपने एडवाइजर से बात कर सकते हैं. जो कि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 15% तक लगता है. क्रिप्टो पर यह कितना लगेगा अभी यह निश्चित नहीं किया गया है.

Crypto trading income consider as a Business income|crypto trading busines hai

यहां पर वह सारे नियम लगने वाले हैं जो स्टॉक मार्केट में लगते हैं स्टॉक मार्केट में अगर आप ट्रेडिंग करते हैं और आप इंट्राडे ट्रेडिंग या आप एक शॉर्ट टर्म ट्रेडर है तब यहां पर इस पर होने वाली जो इनकम होती है वह बिजनेस इनकम मानी जाती है इसी तरह प्रकार से अगर आप क्रिप्टो में ट्रेडिंग करते हैं आप बिटकॉइन खरीदते हैं या कोई भी coin खरीदते हैं और उसको बेचते हैं तब आपको यहां पर जो भी इनकम होगी वह बिजनेस इनकम मानी जाएगी और आपका जो एक टैक्स लगेगा वह बिजनेस टैक्स लगेगा क्रिप्टो पर.

इसलिए आपको अपने ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खुद निकाल कर समय-समय पर रखना होगा आपको हर 3 महीने का रिकॉर्ड प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंटअपने ब्रोकर से लेना होगा और उसका रिकॉर्ड रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी है क्योंकि यह इनकम आपकी बिजनेस इनकम की तरह मानी जानी वाली है.

How we can classify cryptocurrency

क्रिप्टो करेंसी को आप इस तरीके से explain कर सकते हैं कि एक ऐसा digital token जो आपने अपने इन्वेस्टमेंट के लिए लिया है उस पर होने वाला लाभ आपको सूचित करता है कि आप यहां पर टैक्स अदा करें चाहे वह लोंग टर्म कैपिटल गैन टैक्स, शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्स, जो कि आपकी रखने की अवधि तक निर्भर करता है कि आप उसको कितना लंबे समय तक रखते हैं.

इसको एक उदाहरण की तरह समझते हैं जैसे कि आपने आज एक Dogecoin, Binance, Ethereum इनमें से कोई करेंसी खरीदी और उसको आपने अपने पास रखने के बाद बेचा और बेचने पर आप ने मुनाफा कमाया तब आपको यहां पर टैक्स अदा करना पड़ेगा.

एक ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अगर जब आप क्रिप्टो करेंसी से संबंधित अपना टैक्स इनकम टैक्स में फाइल करें तब वहां पर आप यह पूरी तरीके से समझ ले कि आपका टैक्स क्या बिजनेस इनकम कैटेगरी में आता है जैसे कि मैंने अभी पहले आपको बताया कि अगर आप ट्रेडिंग करते हैं तो आपकी इनकम बिजनेस इनकम में मानी जाएगी और अगर आप इसे खरीदते हैं और निवेश करते हैं तब आप इसमें सिर्फ कैपिटल गेन टैक्स. देना होगा आपको.

अभी फिलहाल UK, USA में क्रिप्टोकरंसी एक क्रिप्टो Assets मानी जाती है. भारत में भी यह एक Assets की तरह ही मानी जाती है और इस पर लगने वाला टैक्स आपको अदा करना होता है.

क्या आपको क्रिप्टो रखने के लिए टैक्स देना होगा?

,

बिज़नेस न्यूज़ डेस्क - 1 अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष से क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स का प्रावधान लागू किया गया है। लेकिन निवेशकों के लिए समस्या यह है कि हाल के दिनों में क्रिप्टोकरेंसी में तेजी से गिरावट आई है। अगर आपने एक साल पहले बिटकॉइन में 1 लाख रुपये का निवेश किया था, तो आज इसकी कीमत घटकर सिर्फ 56,000 रुपये रह गई है। निवेशकों को रु. 44,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकुरेंसी पर 30 प्रतिशत पूंजीगत गैस कर लगाने की घोषणा की। लेकिन आपको बता दें कि जो निवेशक लाभ के लिए क्रिप्टोकरेंसी नहीं बेचते हैं, उन्हें भी टैक्स देना होगा। ऐसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले निवेशकों को एक प्रतिशत टीडीएस देना होगा ताकि सरकार क्रिप्टोकुरेंसी डीलरों के सटीक स्थान का पता लगा सके। क्रिप्टो की बिक्री पर लाभ पर 30% कर लगाया जाएगा। लेकिन अगर इसे लाभ पर नहीं बेचा जाता है, तो भी क्रिप्टो लेनदेन कहां हुआ, यह जानने के लिए एक प्रतिशत टीडीएस का भुगतान करना होगा। क्रिप्टोक्यूरेंसी पर एक प्रतिशत टीडीएस लगाने का प्रावधान 1 जुलाई, 2022 से लागू होने जा रहा है।

क्रिप्टोक्यूरेंसी निवेशकों को किसी अन्य क्रिप्टोक्यूरेंसी में नुकसान के लिए एक क्रिप्टोक्यूरेंसी से लाभ की भरपाई करने की अनुमति नहीं है। आइए एक उदाहरण के साथ समझाएं, मान लीजिए कि एक निवेशक ने बिटकॉइन और एथेरियम क्रिप्टोकरेंसी दोनों में निवेश किया है। और अगर वह रुपये का निवेश करता है। 1 लाख और इथेरियम में निवेश करके रु। 1 लाख, भले ही निवेशक को रु। 1 लाख 30 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा। दरअसल, संपत्ति, शेयरों में निवेश से होने वाले लाभ के नुकसान को समायोजित करने का प्रावधान है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को इस प्रावधान से बाहर रखा गया है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आयकर अधिनियम 1961 की धारा 115बीबीएच के प्रावधानों के तहत, वीडीए (वर्चुअल डिजिटल एसेट्स) के हस्तांतरण पर होने वाले नुकसान को अन्य वीडीए हस्तांतरण से होने वाली आय के खिलाफ सेट अप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। धारा 115बीबीएच आयकर अधिनियम में एक नया प्रस्तावित खंड है जो क्रिप्टोकुरेंसी जैसी आभासी डिजिटल संपत्तियों से लाभ को परिभाषित करता है।

रेटिंग: 4.36
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 358