क्रिप्टो एक्सचेंज पॉइंट नो यॉर कस्टमर (केवाईसी) इक_ा करके इसकी लेन-देन सिर्फ बैंक अकाउंट के जरिए कर सकते हैं। इस तरीके से कुछ बुरे तत्व इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे, क्योंकि ब्लॉकचेन तकनीक में यह सार्वजनिक पारदर्शिता की व्यवस्था कर पाएगा।
अशोक जालान, विशेषज्ञ, इक्विटी बाजार

Investment in Crypto Currencies: BitCoin में निवेश का स्टेपवाइज प्रॉसेस, इन तीन चार्जेज के बारे में भी जानकारी है जरूरी

Investment in Crypto Currencies: BitCoin में निवेश का स्टेपवाइज प्रॉसेस, इन तीन चार्जेज के बारे में भी जानकारी है जरूरी

दुनिया भर में निवेशकों के बीच बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है.

Investing in Crypto Currencies: भारत समेत दुनिया भर में निवेशकों के बीच बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है. पिछले कुछ वर्षों में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की वर्चुअल करेंसी है जिसे कंप्यूटर पर जटिल समीकरणों को हल कर माइन किया जाता है. इसे माइन करने वाले यानी माइनर्स को रिवार्ड के तौर पर क्रिप्टो करेंसी मिलती है लेकिन जिन्हें तकनीकी समझ नहीं है, वे भी क्रिप्टो हासिल कर सकते हैं. जिस प्रकार कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई जैसे एक्सचेंजों पर खरीद-बिक्री होती है, वैसे ही क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बिटक्वाइन जैसे क्रिप्टो की खरीद-बिक्री होती है यानी कि आपको अगर बिटक्वाइन में निवेश करना है तो किसी एक्सचेंज पर जाकर आसानी से इसमें पैसे लगा सकते हैं.

इस प्रकार कर सकते हैं क्रिप्टो में निवेश

क्रिप्टों में निवेश के लिए वजीरएक्स (WazirX), क्वाइनडेक्स (Coindex), जेबपे Zebpay, क्वाइनस्विच कुबेर (Coin Switch Kuber) और यूनोकॉइन UnoCoin जैसे एक्सचेंज हैं. क्रिप्टो में निवेश के लिए पहले आपको एक्सचेंज की साइट पर जाकर पर्सनल डिटेल्स के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा.

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क्रिप्टो ट्रेडिंग पर ये हैं चार्जेज

  • एक्सचेंज फीस: क्रिप्टो खरीद या बिक्री ऑर्डर को पूरा करने के लिए एक्सचेंज फीस चुकानी होती है. भारत में अधिकतर क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज का फिक्स्ड फीस मॉडल है, लेकिन ट्रांजैक्शन की फाइनल कॉस्ट उस प्लेटफॉर्म पर निर्भर होती है जिस पर ट्रांजैक्शन पूरा हुआ है. ऐसे में इसे लेकर बेहतर रिसर्च करनी चाहिए कि कौन सा क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज सबसे कम ट्रांजैक्शन फीस ले रहा है. फिक्स्ड फीस मॉडल के अलावा क्रिप्टो एक्सचेंज में मेकर-टेकर फी मॉडल भी है. क्रिप्टो करेंसी बेचने वाले को मेकर कहते हैं और इसे खरीदने वाले को टेकर कहते हैं. इस मॉडल के तहत ट्रेडिंग एक्टिविटी के हिसाब से फीस चुकानी होती है.
  • नेटवर्क फीस: क्रिप्टोकरेंसी माइन करने वालों को नेटवर्क फीस चुकाई जाती है. ये माइनर्स शक्तिशाली कंप्यूटर्स के जरिए किसी ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करते हैं और ब्लॉकचेन में जोड़ते हैं. एक्सचेंज का Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? नेटवर्क फीस पर सीधा नियंत्रण नहीं होता है. अगर नेटवर्क पर भीड़ बढ़ती है यानी अधिक ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करना होता है तो फीस बढ़ जाती है. आमतौर पर यूजर्स को थर्ड पार्टी वॉलेट का प्रयोग करते समय ट्रांजैक्शन फीस को पहले से ही सेट करने की छूट होती है. लेकिन एक्सचेंज पर इसे ऑटोमैटिक एक्सचेंज द्वारा ही सेट किया जाता है ताकि ट्रांसफर में कोई देरी न हो. जो यूजर्स अधिक फीस चुकाने के लिए तैयार हैं, उनका ट्रांजैक्शन जल्द पूरा हो जाता है और जिन्होंने फीस की लिमिट कम रखी है, उनके ट्रांजैक्शन पूरा होने में कुछ समय लग सकता है. माइनर्स को इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट और प्रोसेसिंग पॉवर के लिए यह फीस दी जाती है.
  • वॉलेट फीस: क्रिप्टो करेंसी को ऑनलाइन बैंक खाते के समान एक डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है. अधिकतर वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी के डिपॉजिट और स्टोरेज पर कोई फीस नहीं ली जाती है, लेकिन इसे निकालने या कहीं भेजने पर फीस चुकानी होती है. यह मूल रूप से नेटवर्क फीस है. अधिकतर एक्सचेंज इन-बिल्ट वॉलेट की सुविधा देते हैं. क्रिप्टो वॉलेट्स सिस्टमैटिक क्रिप्टो करेंसी खरीदने का विकल्प देते हैं और इसके इंटीग्रेटेड मर्चेंट गेटवे के जरिए स्मार्टफोन व डीटीएस सर्विसेज को रिचार्ज कराया जा सकता है.

Cryptocurrency: युवा निवेशक क्रिप्टो में जमकर लगा रहे है पैसा

आरबीआई ( Reserve bank of india ) बार-बार क्रिप्टो करेंसी ( crypto currency ) और इसके निवेशकों को आगाह कर रही हैं, लेकिन क्रिप्टों में पैसा लगाने वालों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही, निवेशक ( bitcoin currency) हैं कि लगातार क्रिप्टों में अपना निवेश बढ़ाते ही जा रहे हैं।

Cryptocurrency: युवा निवेशक क्रिप्टो में जमकर लगा रहे है पैसा

आरबीआई ( Reserve bank of india ) बार-बार क्रिप्टो करेंसी ( crypto currency ) और इसके निवेशकों को आगाह कर रही हैं, लेकिन क्रिप्टों में पैसा लगाने वालों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही, निवेशक ( bitcoin currency) हैं कि लगातार क्रिप्टों में अपना निवेश बढ़ाते ही जा रहे हैं। जयपुर में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट को लेकर होड़ सी मची है। यहीं कारण है वर्तमान में अब तक जयपुर में करीब एक लाख लोगों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर चुके है और यह आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बात अगर पूरे भारत की करें तो करीब 2 करोड़ लोग भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर चुके है। जयपुर के एक लाख लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में करीब 150 करोड़ का निवेश कर रखा है।

crypto पर सरकार कैसे वसूलेगी टैक्स और क्या पूरे क्रिप्टो निवेश पर देना होगा कर? जानिए इससे जुड़े हर सवाल का जवाब

बिजनेस डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में एक बड़ी घोषणा Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? करते हुए कहा कि भारत में अब डिजिटल ऐसेट (इसमें क्रिप्टोकरेंसी भी शामिल) पर भी टैक्स लगेगा। क्रिप्टोबाजार में Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? दिलचस्पी दिखाने वाले लोगों ने इस कदम का स्वागत किया क्योंकि यह देश में लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन, Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? एथेरियम और अन्य को एक तरह से कानूनी दर्जा देता है। हालांकि, इसके बाद वित्त मंत्री ने जब कहा कि सभी क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत तक का भारी कर लगेगा, तो ये कई लोगों को निराश कर गया। दरअसल यह म्युचुअल फंड या यहां तक ​​कि शेयरों से होने वाली आय पर आप जितना भुगतान करते हैं, उससे भी कहीं अधिक है।

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Crypto Currency में निवेश को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट और बड़े अरबपति

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थॉमस पीटरफी ने 2017 में वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक फुल-पेज विज्ञापन निकाला, जिसमें बिटक्वाइन फ्यूचर्स के कैपिटल मार्केट में खतरों की चेतावनी दी गई थी.

हंगरी में जन्मे अरबपति थॉमस, क्रिप्टोस्पीक में जाना-माना चेहरा हैं. 25 अरब डॉलर के मालिक पीटरफी थॉमस ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में किसी भी व्यक्ति को अपनी संपत्ति का 2 से 3 प्रतिशत शेयर लगाना चाहिए, इसी में समझदारी है. रेगूलर करेंसी डूब जाने की स्थिति में ये फायदेमंद है.

'जो इनवेस्टर्स डरते थे वो लाभ लेना चाहते हैं'

थॉमस पीटरफी का इशारा उन इनवेस्टर्स पर है, जो कभी डिजिटल टोकन से डरते थे या सावधानी बरता करते थे, लेकिन 2021 में ये दिखा कि लोग क्रिप्टो में मिल रहे बड़े लाभ को हासिल करने से चूकना नहीं चाहते हैं.

यहां तक ​​​​कि जब कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई तो बड़े और छोटे इनवेस्टर्स ने बिटक्वाइन और एथेरियम के साथ-साथ नॉन-फंजिबल टोकन, डॉग-थीम एसेट्स और शिटक्वॉइन में भी पैसे लगाए, जिसमें $ASS नाम का क्वाइन भी शामिल था.

रे डालियो ने हाल ही में खुलासा किया कि क्रिप्टो की उपयोगिता पर सवाल करने के कुछ महीने बाद ही वह अपने पोर्टफोलियों में कुछ बिटक्वाइन्स और एथेरियम एड करना शुरू कर चुके थे.

The Bridgewater Associates के फाउंडर, इन्वेस्टमेंट्स को एक ऐसे अल्टरनेटिव मनी के रुप में देखते हैं जहां मंहगाई की वजह से कैश Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? की खरीददारी शक्ति खत्म हो जाती है.

What is cryptocurrency | क्रिप्टो करेंसी क्या है

Cryptocurrency एक ऐसी मुद्रा है जो computer Algorithm पर बनी होती हैं। यह एक स्वतंत्र मुद्रा है जिसका कोई मालिक नहीं होता। यह curreny किसी भी authority के काबू में नहीं होती है अमूमन डॉलर, रुपया, यूरो या अन्य मुद्रा के तरह ही इस मुद्रा का चलन किसी राज्य, देश, संस्था, या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। यह एक digital currency होती है जिसके लिए cryptography का प्रयोग किया जाता है।

आमतौर पर इसका उपयोग किसी समान की खरीदारी या कोई service खरीदने के लिए किया जाता है। इसे न तो कोई देख सकता है न ही कोई छू सकता है। क्योंकि भौतिक रूप से cyptocurrency का मुद्रण होता ही नहीं है। इस लिए इसे आभासी (virtual) मुद्रा (currency) भी कहा जाता है।

पिछले कुछ सालों में ऐसे currency काफी प्रचलित हुई। नॉलेज के लिए हम सबको पता होना चाहिए की सर्वप्रथम cryptocurrency का इस्तेमाल 2009 में हुई थी जो की bitcoin थी। Bitcoin के अलावा अन्य cryptocurrency बाजार में उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग आजकल हो रहा है जैसे कि redcoin, ripple, litecoin, ethereum इत्यादि।

What are the advantages of crypto currency| क्रिप्टो करेंसी के फायदे क्या है

आइए जानते हैं कृपया करेंसी के लाभ क्या क्या है? हमें पता है किसी भी वस्तु का फायदे और नुकसान दोनों होता है। इसलिए सबसे पहले क्रिप्टोकरंसी के लाभ के बारे में बात करते हैं। आम पर कह सकते हैं कि Cryptocurrency के लाभ क्या हैं? कृपया करण से क्या लाभ ज्यादा है और नुकसान कम है।

2. अधिक पैसा होने पर cryptocurrency में निवेश करना अधिक फायदेमंद है। क्योंकि इसके कीमतों में बहुत तेजी से उछाल आता है। निहाजा निवेश के लिए एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है।

3. अधिकतर cryptocurrency के wallet उपलब्ध है, जिसके चलते ऑनलाइन खरीदारी, पैसे का लेन देन सरल हो चुका है।

4. cryptocurrency को कोई भी Authority कंट्रोल नहीं करती जिसके चलते नोटबंदी और करेंसी का मूल्य घटने जैसा खतरा किसी के सामने नहीं आता।

5. कई बार ऐसे हैं जहां कैपिटल कंट्रोल नहीं है मतलब कि यह बात तय ही नहीं है कि देश के बाहर कितना पैसा भेजा जा सकता है और कितना पैसा मंगवाया जा सकता है।लिहाजा cryptocurrency खरीद कर उसे बाहर आसानी से भेजे जा सकते हैं। उसे पैसे में कन्वर्ट कर लिया जाता है।

What are the disadvantage of cryptocurrency | क्रिप्टो करेंसी के नुकसान क्या हैं

1. Cryptocurrency का सबसे बड़ा नुकसान तो ये है कि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है क्योंकि इसका मुद्रान नही किया जाता। मतलब कि न ही इस करेंसी के नोट छापे जा सकते हैं और न ही इस करेंसी के बैंक या पासबुक जारी किए जा सकते हैं।

2. इसको control करने के लिए कोई देश, सरकार, या संस्था नही है। जिससे की इसकी कीमत में बहुत उछाल या फिर बहुत अधिक गिरावट देखने को मिलता हैं। जिसके वजह से cryprocurrency में निवेश करना थोड़ा जोखिम भरा है।

3. Cryptocurency का इस्तेमाल गलत कामों को बढ़ावा देता है जैसे कि इसका इस्तेमाल हथियार बनाना, खरीद फरोख्त, ड्रक्स सप्लाई, कालाबाजारी आदि में इसे किया जा सकता है। जो कि इसका इस्तेमाल दो लोगो के बीच में ही किया जा सकता है। ज्यादा यह काफी खतरनाक हो सकता है।

4. Cryptocurreny को हैक करने का भी खतरा बना रहता है। यह बात बीगर है कि Blockchain को हैक करना उतना आसान नहीं है। क्योंकि इसमें security का पूरा इंतजाम होते हैं। बावजूद इसके इस currecy के मालिक न होने के कारण hacking होने से मना भी नहीं किया जा सकता।

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